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White-cheeked Barbet

Psilopogon viridis
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White-cheeked Barbet की बुनियादी जानकारी

White-cheeked Barbet की बुनियादी जानकारी

Scientific NamePsilopogon viridis
Status LC सबसे कम चिंता
Size21-23 cm (8-9 inch)
Colors
Green
White
TypeTree-clinging Birds

स्थानीय भाषाओं में नाम

bengali: সাদা-গাল বসন্তবৌরি
french: Barbu à joues blanches
gujarati: સફેદ-ગાલનો કંસારો
hindi: हरा बसंता
kannada: ಬಿಳಿ ಕೆನ್ನೆ ಬಾರ್ಬೆಟ್, ಕಲ್ಕುಟಗ
malayalam: ചെമ്പൻതത്ത, കുരുവിപ്പച്ച, പച്ചക്കണ്ണൻ, കട്ടിരി
marathi: पांढऱ्या गालाचा तांबट
portuguese: Barbeta-de-faces-brancas
spanish: Barbudos de mejillas blancas, Barbudo de mejillas blancas
tamil: குறுங்கொத்தி, வெள்ளைக்கன்னக் குக்குறுவான்
telugu: తెల్ల చెంప కౌజు పిట్ట, కుట్ర పిట్ట

परिचय

व्हाइट-चीकड बार्बेट, जिसे वैज्ञानिक रूप से Psilopogon viridis के नाम से जाना जाता है, भारतीय उपमहाद्वीप का एक अत्यंत आकर्षक और विशिष्ट पक्षी है। यह मुख्य रूप से दक्षिण भारत के सदाबहार और पर्णपाती जंगलों में पाया जाता है। अपनी विशिष्ट 'कुट-कुट-कुट' की आवाज के लिए प्रसिद्ध यह पक्षी 'ट्री-क्लिंगिंग' (पेड़ों से चिपके रहने वाले) पक्षियों की श्रेणी में आता है। यह पक्षी न केवल अपनी सुंदरता के लिए जाना जाता है, बल्कि पारिस्थितिकी तंत्र में बीज प्रसारक के रूप में भी इसकी महत्वपूर्ण भूमिका है। बार्बेट परिवार के अन्य सदस्यों की तुलना में, व्हाइट-चीकड बार्बेट का व्यवहार काफी मिलनसार होता है और अक्सर इन्हें शहरी बगीचों और घने बागानों में भी देखा जा सकता है। यह पक्षी मुख्य रूप से पेड़ों की ऊँची टहनियों पर अपना समय व्यतीत करना पसंद करता है, जहाँ इसकी हरी-भरी काया इसे पत्तों के बीच पूरी तरह से छिपा लेती है। प्रकृति प्रेमियों और पक्षी विशेषज्ञों के लिए, इस पक्षी का अध्ययन करना एक सुखद अनुभव है क्योंकि यह अपनी चंचलता और अनूठी आवाजों से पूरे वातावरण को जीवंत बना देता है।

शारीरिक बनावट

व्हाइट-चीकड बार्बेट की शारीरिक बनावट इसे अन्य बार्बेट प्रजातियों से अलग और विशिष्ट बनाती है। इस पक्षी की लंबाई लगभग 21 से 23 सेंटीमीटर होती है। इसका मुख्य रंग गहरा हरा होता है, जो इसे पेड़ों के घने पत्तों के बीच छलावरण (camouflage) में मदद करता है। इसके नाम के अनुरूप, इसकी सबसे बड़ी पहचान इसके चेहरे पर मौजूद सफेद रंग की धारियाँ हैं, जो आँखों के ऊपर और नीचे से गुजरती हैं। इसके अलावा, इसकी चोंच काफी मजबूत और मोटी होती है, जो पेड़ों की छाल और फलों को तोड़ने में बहुत सहायक होती है। इसका सिर थोड़ा बड़ा होता है और शरीर सुगठित होता है। पक्षी की गर्दन पर हल्का नीला या पीलापन लिए हुए निशान भी हो सकते हैं, जो इसे और भी सुंदर बनाते हैं। पंखों का फैलाव मध्यम होता है, जिससे यह पेड़ों के बीच फुर्ती से उड़ने में सक्षम है। नर और मादा दिखने में लगभग एक समान होते हैं, जो इस प्रजाति की एक और विशेषता है। इनका शरीर पूरी तरह से अनुकूलित है, जो इन्हें घने जंगलों में जीवन जीने के लिए पूर्णतः सक्षम बनाता है।

प्राकृतिक आवास

व्हाइट-चीकड बार्बेट का प्राकृतिक आवास मुख्य रूप से दक्षिण भारत के पश्चिमी घाट और आसपास के घने जंगलों तक सीमित है। ये पक्षी घने सदाबहार जंगलों, पर्णपाती वनों, और कॉफी के बागानों में रहना बहुत पसंद करते हैं। इसके अलावा, ये अक्सर ग्रामीण इलाकों के बड़े बगीचों और पुराने पेड़ों वाले पार्कों में भी देखे जाते हैं। ये पक्षी मुख्य रूप से ऊंचाई वाले इलाकों में रहना पसंद करते हैं, लेकिन समुद्र तल से लेकर मध्यम ऊंचाई तक के मैदानी इलाकों में भी ये आसानी से मिल जाते हैं। घने पेड़ों का आवरण इनके लिए सुरक्षा और भोजन दोनों का साधन होता है। इन्हें अक्सर ऊँचे पेड़ों की सूखी टहनियों पर बैठकर अपनी मधुर आवाज़ निकालते हुए सुना जा सकता है।

आहार

व्हाइट-चीकड बार्बेट मुख्य रूप से एक 'फ्रुजीवोर' (फल खाने वाला) पक्षी है। इसका आहार मुख्य रूप से जंगली अंजीर (figs), जामुन, और अन्य छोटे फलों पर आधारित होता है। यह अपनी मजबूत चोंच का उपयोग करके फलों को आसानी से तोड़ लेता है। इसके अलावा, प्रजनन के मौसम के दौरान या कभी-कभी, ये छोटे कीड़े-मकोड़ों और दीमकों का भी सेवन करते हैं, जो इन्हें आवश्यक प्रोटीन प्रदान करते हैं। फलों को खाते समय ये पूरे फल को निगल जाते हैं, जिससे बीजों का प्रसार होता है। यह व्यवहार इन्हें जंगलों के पुनरुद्धार और नए पौधों के उगने में एक महत्वपूर्ण पारिस्थितिक एजेंट बनाता है। इनका भोजन के प्रति चुनाव बहुत विशिष्ट होता है, जो इन्हें अन्य पक्षियों से अलग करता है।

प्रजनन और घोंसला

व्हाइट-चीकड बार्बेट के प्रजनन का मौसम आमतौर पर फरवरी से जुलाई के बीच होता है। ये पक्षी अपना घोंसला बनाने के लिए पेड़ों के तनों को चुनते हैं, जहाँ ये अपनी मजबूत चोंच की मदद से छेद (होल) खोदते हैं। ये छेद अक्सर मृत पेड़ों या उन पेड़ों में होते हैं जिनकी लकड़ी थोड़ी नरम हो। मादा बार्बेट एक बार में 2 से 4 सफेद अंडे देती है। अंडे देने के बाद, नर और मादा दोनों ही अंडों को सेने (incubation) की जिम्मेदारी साझा करते हैं। चूजों के निकलने के बाद, दोनों माता-पिता उन्हें कीड़ों और फलों के टुकड़ों से खिलाते हैं। इनका घोंसला बनाना बहुत ही व्यवस्थित होता है, और वे इसे शिकारियों से बचाने के लिए अत्यधिक ऊंचाई पर बनाते हैं। प्रजनन काल के दौरान, ये पक्षी अपने क्षेत्र को लेकर काफी सतर्क रहते हैं और अपनी आवाजों के माध्यम से अन्य पक्षियों को दूर रखने का प्रयास करते हैं।

व्यवहार

व्हाइट-चीकड बार्बेट अपनी चंचलता और सक्रिय स्वभाव के लिए जाने जाते हैं। ये बहुत ही शोर मचाने वाले पक्षी होते हैं, खासकर सुबह और शाम के समय। इनकी 'कुट-कुट' की आवाज पूरे जंगल में गूंजती है। ये पक्षी अक्सर समूहों में नहीं बल्कि जोड़े में या अकेले रहना पसंद करते हैं। इनका ट्री-क्लिंगिंग व्यवहार इन्हें पेड़ों पर आसानी से चढ़ने और शाखाओं के बीच संतुलन बनाए रखने में मदद करता है। ये बहुत कम जमीन पर उतरते हैं। इनका व्यवहार काफी शर्मीला होता है, लेकिन फलों के प्रति इनका लगाव इन्हें इंसानों के करीब आने पर मजबूर कर देता है, जिससे इन्हें बगीचों में आसानी से देखा जा सकता है।

संरक्षण स्थिति

वर्तमान में, व्हाइट-चीकड बार्बेट को IUCN की रेड लिस्ट में 'लीस्ट कंसर्न' (कम चिंताजनक) श्रेणी में रखा गया है। इनकी आबादी अभी भी स्थिर है, लेकिन वनों की कटाई और शहरीकरण के कारण इनके प्राकृतिक आवासों का तेजी से नुकसान हो रहा है। यदि बड़े पेड़ों को काटना बंद नहीं किया गया, तो भविष्य में इनके लिए भोजन और घोंसला बनाने की जगह की कमी हो सकती है। संरक्षण के लिए यह आवश्यक है कि हम अपने आसपास के पुराने पेड़ों को बचाएं और बागानों में देशी फलों के पेड़ लगाएं ताकि इन पक्षियों का अस्तित्व सुरक्षित बना रहे।

रोचक तथ्य

  1. व्हाइट-चीकड बार्बेट अपनी विशिष्ट 'कुट-कुट' आवाज के लिए प्रसिद्ध हैं।
  2. ये पक्षी पेड़ों के तनों में अपनी चोंच से छेद करके घोंसला बनाते हैं।
  3. ये पारिस्थितिकी तंत्र में बीज प्रसारक के रूप में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
  4. नर और मादा दिखने में बिल्कुल एक जैसे होते हैं।
  5. इन्हें मुख्य रूप से दक्षिण भारत के पश्चिमी घाट में देखा जाता है।
  6. ये पक्षी पेड़ों के घने पत्तों के बीच बहुत अच्छी तरह छिप जाते हैं।
  7. ये मुख्य रूप से शाकाहारी होते हैं, लेकिन कभी-कभी कीड़े भी खाते हैं।

पक्षी प्रेमियों के लिए टिप्स

यदि आप व्हाइट-चीकड बार्बेट को देखना चाहते हैं, तो सबसे अच्छा समय सुबह की पहली किरण या शाम का समय है। इस समय ये पक्षी सबसे अधिक सक्रिय होते हैं। इन्हें खोजने के लिए, उन पेड़ों की ओर ध्यान दें जहाँ फल लगे हों, जैसे कि अंजीर या जामुन के पेड़। बार्बेट को सीधे देखने के बजाय, उनकी आवाज को सुनें। उनकी आवाज दिशा बताने में बहुत मदद करती है। अपने साथ एक अच्छी दूरबीन (binocular) रखें, क्योंकि ये अक्सर बहुत ऊँचाई पर बैठते हैं। धैर्य रखें और पेड़ों की शाखाओं के बीच हरे रंग की हलचल पर नजर रखें। फोटोग्राफी के लिए, कम शोर करें और दूर से ही तस्वीरें लें ताकि पक्षी डरे नहीं। बागानों में इनके लिए पानी का बर्तन रखना भी इन्हें आकर्षित करने का एक शानदार तरीका है।

निष्कर्ष

निष्कर्षतः, व्हाइट-चीकड बार्बेट (Psilopogon viridis) भारतीय पक्षी जगत का एक अनमोल रत्न है। अपनी हरी-भरी सुंदरता और मधुर आवाजों से यह हमारे पर्यावरण में चार चांद लगा देता है। यह न केवल देखने में सुंदर है, बल्कि जंगलों के पारिस्थितिक संतुलन को बनाए रखने में भी एक मूक नायक की भूमिका निभाता है। बीजों के प्रसार से लेकर कीट नियंत्रण तक, इनके कार्य हमारे पर्यावरण के लिए अत्यंत लाभकारी हैं। हालांकि वर्तमान में इनकी संख्या संतोषजनक है, लेकिन भविष्य में इनके संरक्षण के लिए हमें सजग रहने की आवश्यकता है। पेड़ों का संरक्षण और उनके प्राकृतिक आवासों को बचाना हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है। एक पक्षी प्रेमी के रूप में, हमें इनके व्यवहार को समझना चाहिए और उन्हें उनके प्राकृतिक परिवेश में पनपने का मौका देना चाहिए। अगली बार जब आप किसी बगीचे या जंगल में हों और आपको 'कुट-कुट' की आवाज सुनाई दे, तो रुकें और देखें, शायद वह एक व्हाइट-चीकड बार्बेट हो जो अपनी धुन में मग्न हो। प्रकृति की इस अद्भुत कृति को संजोना और इनका सम्मान करना ही हम मनुष्यों का परम कर्तव्य है।

वितरण मानचित्र और क्षेत्र

Official Distribution Data provided by
BirdLife International and Handbook of the Birds of the World (2025)

barbet परिवार की और प्रजातियों को देखें

White-cheeked Barbet के बारे में अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

The bengali name for White-cheeked Barbet is সাদা-গাল বসন্তবৌরি.

The gujarati name for White-cheeked Barbet is સફેદ-ગાલનો કંસારો.

The hindi name for White-cheeked Barbet is हरा बसंता.

The malayalam name for White-cheeked Barbet is ചെമ്പൻതത്ത, കുരുവിപ്പച്ച, പച്ചക്കണ്ണൻ, കട്ടിരി.

The marathi name for White-cheeked Barbet is पांढऱ्या गालाचा तांबट.

The tamil name for White-cheeked Barbet is குறுங்கொத்தி, வெள்ளைக்கன்னக் குக்குறுவான்.

The kannada name for White-cheeked Barbet is ಬಿಳಿ ಕೆನ್ನೆ ಬಾರ್ಬೆಟ್, ಕಲ್ಕುಟಗ.

The telugu name for White-cheeked Barbet is తెల్ల చెంప కౌజు పిట్ట, కుట్ర పిట్ట.

The french name for White-cheeked Barbet is Barbu à joues blanches.

The spanish name for White-cheeked Barbet is Barbudos de mejillas blancas, Barbudo de mejillas blancas.

The portuguese name for White-cheeked Barbet is Barbeta-de-faces-brancas.