baraus petrel
Pterodroma baraui
Last update: 28 Jul 2026Baraus Petrel की बुनियादी जानकारी
| Scientific Name | Pterodroma baraui |
|---|---|
| Status | EN संकटग्रस्त |
| Size | 35-38 cm (14-15 inch) |
| Colors |
Grey
White
|
| Type |
Seabirds
|
| Family | Petrels, Shearwaters |
अन्य भाषाओं में Baraus Petrel के नाम
| french | Pétrel de Barau |
|---|
परिचय
बरौ पेट्रेल (Pterodroma baraui) प्रोसेलरिडे (Procellariidae) परिवार का एक मध्यम आकार का समुद्री पक्षी है। यह मुख्य रूप से हिंद महासागर में पाया जाता है और इसका सबसे महत्वपूर्ण प्रजनन स्थल रीयूनियन द्वीप है। यह पक्षी अपनी लंबी समुद्री यात्राओं और ऊंचे पहाड़ों पर घोंसले बनाने की आदतों के लिए जाना जाता है।
शारीरिक बनावट
बरौ पेट्रेल की लंबाई लगभग 38 से 40 सेमी के बीच होती है। इसके शरीर का निचला हिस्सा और माथा पूरी तरह सफेद होता है। इसकी चोंच काली और मजबूत होती है। इसके ऊपरी हिस्से गहरे रंग के होते हैं, और इसके पंखों व पीठ पर एक विशिष्ट 'M' आकार का पैटर्न दिखाई देता है। इसके पंखों के नीचे का हिस्सा मुख्य रूप से सफेद होता है, जिसके किनारों पर काली धारियां होती हैं।
प्राकृतिक आवास
यह एक पेलाजिक (Pelagic) पक्षी है, जिसका अर्थ है कि यह अपना अधिकांश जीवन खुले समुद्र में व्यतीत करता है। यह रीयूनियन द्वीप से लेकर पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया और इंडोनेशिया के समुद्री क्षेत्रों तक फैला हुआ है। प्रजनन के लिए, ये पक्षी समुद्र तल से 2,400-2,700 मीटर की ऊंचाई पर स्थित जंगलों में बिल खोदकर रहते हैं।
आहार
बरौ पेट्रेल मुख्य रूप से छोटी मछलियों (लगभग 10 सेमी) का शिकार करते हैं। इनके भोजन प्राप्त करने के मुख्य तरीके निम्नलिखित हैं:
- समुद्र की सतह से शिकार को झपट्टा मारकर पकड़ना।
- पानी में गोता लगाकर (Plunge diving) शिकार करना।
- अक्सर भोजन की तलाश में अन्य समुद्री पक्षियों और मछली पकड़ने वाली नावों के पीछे चलना।
प्रजनन और घोंसला
इन पक्षियों की प्रजनन प्रक्रिया काफी अनोखी है। ये ऊंचे पहाड़ों पर घने जंगलों के बीच जमीन के अंदर बिल बनाकर घोंसला तैयार करते हैं। इनका ऊष्मायन काल (Incubation period) लगभग 55 दिनों का होता है। चूजों को पूरी तरह विकसित होकर उड़ने (Fledge) में 100 से 120 दिन का समय लगता है। इनके चूजे आमतौर पर नवंबर और फरवरी के बीच उड़ना शुरू करते हैं।
व्यवहार
अन्य समुद्री पक्षियों के विपरीत, बरौ पेट्रेल दिन के समय ही अपनी कॉलोनियों में लौटना शुरू कर देते हैं। वे देर दोपहर में वापस आते हैं और ऊर्जा बचाने के लिए थर्मल अपड्राफ्ट (गर्म हवा के झोंकों) का सहारा लेते हैं। ये स्वभाव से सामाजिक होते हैं और अक्सर झुंड में भोजन करते देखे जा सकते हैं।
संरक्षण स्थिति - EN संकटग्रस्त
बरौ पेट्रेल वर्तमान में विश्व स्तर पर खतरे (Globally Threatened) वाली प्रजातियों की श्रेणी में आता है। इनके संरक्षण के लिए रीयूनियन द्वीप पर 'ग्रैंड बेनार्ड' और 'पिटोन डेस नेगेस' जैसे क्षेत्रों को महत्वपूर्ण पक्षी क्षेत्र (IBAs) घोषित किया गया है, जहाँ इनकी प्रजनन कॉलोनियां सुरक्षित हैं।
रोचक तथ्य
- बरौ पेट्रेल समुद्री पक्षी होने के बावजूद 2,700 मीटर की ऊंचाई वाले पहाड़ों पर प्रजनन करता है।
- इनके पंखों पर बना 'M' पैटर्न इनकी सबसे बड़ी पहचान है।
- ये पक्षी ऊर्जा बचाने के लिए हवा की धाराओं का बहुत कुशलता से उपयोग करते हैं।
- रीयूनियन द्वीप के अलावा, इनका एक घोंसला रॉड्रिक्स द्वीप पर भी पाया गया है।
पक्षी प्रेमियों के लिए टिप्स
- इन्हें देखने का सबसे अच्छा समय उनके प्रजनन काल (सितंबर से मार्च) के दौरान होता है।
- शाम के समय रीयूनियन द्वीप के तटों पर इन्हें पहाड़ों की ओर उड़ते हुए देखा जा सकता है।
- दूरबीन का उपयोग करें ताकि इनके पंखों के नीचे के विशिष्ट काले और सफेद पैटर्न को पहचाना जा सके।
निष्कर्ष
बरौ पेट्रेल न केवल हिंद महासागर की जैव विविधता का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, बल्कि यह प्रकृति के अद्भुत तालमेल का भी प्रतीक है। इस लुप्तप्राय पक्षी का संरक्षण करना हमारी वैश्विक जिम्मेदारी है ताकि आने वाली पीढ़ियां भी इस शानदार शिकारी पक्षी को देख सकें।
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