cinnamon bittern
Ixobrychus cinnamomeus
Last update: 30 Jul 2026Cinnamon Bittern की बुनियादी जानकारी
| Scientific Name | Ixobrychus cinnamomeus |
|---|---|
| Status | LC सबसे कम चिंता |
| Size | 38-41 cm (15-16 inch) |
| Colors |
Cinnamon
White
|
| Type |
Waders
|
| Family | Herons |
अन्य भाषाओं में Cinnamon Bittern के नाम
| assamese | ইটাগà§à§°à§€à¦¯à¦¼à¦¾ |
|---|---|
| bengali | লালবক |
| bhojpuri | लाल बकà¥à¤²à¤¾ |
| malayalam | മഴകàµà´•ൊചàµà´š |
| nepali | रातो जà¥à¤¨à¤¬à¤•à¥à¤²à¥à¤²à¤¾ |
| punjabi | ਲਾਖਾ ਬਗਲਾ |
| tamil | செஙà¯à®•à¯à®°à¯à®•௠|
परिचय
दालचीनी बगुला (Cinnamon Bittern), जिसे वैज्ञानिक रूप से Ixobrychus cinnamomeus कहा जाता है, एक छोटा और आकर्षक जलपक्षी है। यह मुख्य रूप से उष्णकटिबंधीय और उपोष्णकटिबंधीय एशिया में पाया जाता है। भारत में यह एक निवासी पक्षी है, जो अपनी अद्भुत छलावरण (camouflage) क्षमता के लिए जाना जाता है।
शारीरिक बनावट
इस पक्षी की लंबाई लगभग 38 सेमी होती है। नर पक्षी का ऊपरी हिस्सा एक समान दालचीनी (cinnamon) रंग का होता है और निचला हिस्सा हल्का बादामी होता है। मादा का रंग थोड़ा भूरा होता है और उनकी पीठ और सिर का ऊपरी हिस्सा गहरा होता है। किशोर पक्षी मादा के समान होते हैं लेकिन उनके निचले हिस्से पर भारी भूरी धारियां होती हैं। इनकी गर्दन छोटी और चोंच लंबी व नुकीली होती है।
प्राकृतिक आवास
दालचीनी बगुला अक्सर झीलों, दलदलों और जलमग्न धान के खेतों में पाया जाता है। ये घने नरकटों (reedbeds) के बीच रहना पसंद करते हैं जहाँ ये आसानी से छिप सकें। इनका आवास काफी हद तक पीला बगुला (Yellow Bittern) के समान ही होता है।
आहार
दालचीनी बगुले का आहार मुख्य रूप से जलीय जीवों पर निर्भर करता है। इनके भोजन में शामिल हैं:
- मछलियाँ
- मेंढक और उभयचर
- जलीय कीड़े-मकोड़े
- मोलस्क और अन्य छोटे जीव
प्रजनन और घोंसला
इनका प्रजनन काल आमतौर पर मानसून के दौरान होता है। ये अपना घोंसला झाड़ियों या नरकटों के बीच पौधों के हिस्सों से बनाते हैं। मादा एक बार में 4 से 6 अंडे देती है, जिनकी देखभाल नर और मादा दोनों मिलकर करते हैं।
व्यवहार
यह एक शर्मीला और एकांतप्रिय पक्षी है। जब इसे खतरा महसूस होता है, तो यह अपनी विशिष्ट 'ऑन-गार्ड' मुद्रा अपनाता है। इसमें यह अपनी गर्दन को सीधा ऊपर की ओर तान लेता है और चोंच को आसमान की तरफ कर लेता है, जिससे यह नरकटों के बीच पहचानना लगभग असंभव हो जाता है।
संरक्षण स्थिति - LC सबसे कम चिंता
IUCN की रेड लिस्ट के अनुसार, दालचीनी बगुला को 'कम चिंताजनक' (Least Concern) श्रेणी में रखा गया है। हालांकि, दलदली भूमि के विनाश और कृषि रसायनों के उपयोग से इनके प्राकृतिक आवास को खतरा हो सकता है।
रोचक तथ्य
- यह अपनी गर्दन तानकर नरकटों जैसा दिखने का स्वांग रचता है, जो इसे शिकारियों से बचाता है।
- नर और मादा के रंगों में स्पष्ट अंतर होता है, जिसे यौन द्विरूपता (sexual dimorphism) कहा जाता है।
- यह मुख्य रूप से सुबह और शाम के समय (crepuscular) अधिक सक्रिय होता है।
- यह एशिया के कई देशों में पाया जाने वाला एक स्थानीय निवासी पक्षी है।
पक्षी प्रेमियों के लिए टिप्स
अगर आप इस पक्षी को देखना चाहते हैं, तो धान के खेतों या घने नरकटों वाले जलाशयों के पास चुपचाप प्रतीक्षा करें। चूंकि यह बहुत जल्दी डर जाता है, इसलिए इसे देखने के लिए दूरबीन (binoculars) का उपयोग करना सबसे अच्छा रहता है।
निष्कर्ष
दालचीनी बगुला प्रकृति के बेहतरीन छलावरण का एक उत्कृष्ट उदाहरण है। जलीय पारिस्थितिकी तंत्र में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका है। इनके संरक्षण के लिए दलदली क्षेत्रों और प्राकृतिक जलाशयों को बचाना अत्यंत आवश्यक है।
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