crested lark
Galerida cristata
Last update: 31 Jul 2026Crested Lark की बुनियादी जानकारी
| Scientific Name | Galerida cristata |
|---|---|
| Status | LC सबसे कम चिंता |
| Size | 18-18 cm (7-7 inch) |
| Colors |
Brown
White
|
| Type |
Perching Birds
|
| Family | Larks |
अन्य भाषाओं में Crested Lark के नाम
| bengali | ঝুঁটিয়াল ভরত, ঝুঁটিওয়ালা চড়ুই |
|---|---|
| bhojpuri | चंडुल |
| french | Cochevis huppé |
| gujarati | ઘાઘસ ચંડુલ, મોટો ચંડુલ |
| hindi | चंदन, चुटुल |
| malayalam | കൊമ്പൻ വാനമ്പാടി |
| marathi | तुरेवाला चंडोल |
| nepali | जुरे भारद्वाज |
| portuguese | Cotovia-de-poupa |
| punjabi | ਚੂੰਡਲ ਚਿੱੜੀ |
| sanskrit | तिलककण्टक कलविङ्क |
| spanish | Cogujada común |
| tamil | கொண்டை வானம்பாடி |
| telugu | కొండ పిచుక, జుట్టు పిచుక |
परिचय
शिखादार चंडोल (Galerida cristata) लार्क परिवार का एक विशिष्ट पक्षी है, जिसे इसकी सिर पर मौजूद पंखों की शिखा या कलगी से पहचाना जाता है। यह लार्क की अन्य 81 प्रजातियों से अपनी इसी विशेषता के कारण अलग है। यह यूरोप, उत्तरी अफ्रीका और पश्चिमी एशिया सहित भारत के कुछ हिस्सों में पाया जाता है।
शारीरिक बनावट
यह लगभग 18 सेमी लंबा एक छोटा भूरे रंग का पक्षी है। इसकी सबसे प्रमुख विशेषता इसकी कलगी है, जो क्षेत्रीय प्रदर्शन या गायन के दौरान स्पष्ट रूप से ऊपर उठ जाती है। इसका शरीर सुगठित होता है और इसकी पूंछ छोटी होती है जिसके बाहरी पंख हल्के भूरे रंग के होते हैं। नर और मादा दिखने में लगभग समान होते हैं, लेकिन युवा पक्षियों की पीठ पर अधिक धब्बे होते हैं।
प्राकृतिक आवास
शिखादार चंडोल मुख्य रूप से खुले और शुष्क क्षेत्रों में पाया जाता है। इसके पसंदीदा आवासों में अर्ध-रेगिस्तान, खेती योग्य भूमि और सूखी घास वाले मैदान शामिल हैं। यह अक्सर सड़कों के किनारे, रेलवे लाइनों के पास रेतीले पैच और हवाई अड्डों जैसे खुले स्थानों पर देखा जाता है।
आहार
यह पक्षी मुख्य रूप से शाकाहारी होता है और इसका मुख्य भोजन अनाज और बीज जैसे जई, गेहूं और जौ हैं। हालांकि, यह कीड़े-मकोड़े, विशेष रूप से भृंग (beetles) भी खाता है। यह अपना भोजन जमीन से चुनकर या खोदकर प्राप्त करता है।
प्रजनन और घोंसला
यह जमीन पर छोटे गड्ढों में अपना घोंसला बनाता है, जो अक्सर बंजर भूमि या कस्बों के बाहरी इलाकों में होते हैं। घोंसले सूखी घास और जड़ों से बने होते हैं। मादा एक बार में 3 से 5 अंडे देती है। अंडे 11-12 दिनों में फूटते हैं और चूजे लगभग 15-16 दिनों की उम्र में उड़ना शुरू कर देते हैं।
व्यवहार
यह एक शानदार गायक पक्षी है जो आकाश में 30 से 60 मीटर की ऊंचाई पर उड़ते हुए मधुर गीत गाता है। इसका गायन 'व्ही-व्ही-व्हीओ' जैसा सुनाई देता है। यह एक गैर-प्रवासी पक्षी है, जिसका अर्थ है कि यह आमतौर पर एक ही क्षेत्र में रहना पसंद करता है और लंबी दूरी की यात्रा नहीं करता है।
संरक्षण स्थिति - LC सबसे कम चिंता
यद्यपि कुछ यूरोपीय देशों जैसे स्वीडन और स्विट्जरलैंड में इसकी संख्या में गिरावट आई है और वहां से यह विलुप्त हो गया है, लेकिन वैश्विक स्तर पर इसकी आबादी पर्याप्त है। इसे वर्तमान में संरक्षण की दृष्टि से सुरक्षित माना जाता है, हालांकि इसके प्राकृतिक आवासों का नुकसान एक चिंता का विषय है।
रोचक तथ्य
- इसकी कलगी हमेशा दिखाई देती है लेकिन गाते समय यह अधिक स्पष्ट हो जाती है।
- यह पक्षी जमीन पर और ऊंचाई पर उड़ते हुए, दोनों ही स्थितियों में गा सकता है।
- इसके चूजे उड़ने में सक्षम होने से पहले ही भोजन की तलाश में घोंसला छोड़ देते हैं।
- यह पक्षी ग्रेट ब्रिटेन जैसे क्षेत्रों में बहुत कम ही देखा जाता है क्योंकि यह प्रवास नहीं करता है।
पक्षी प्रेमियों के लिए टिप्स
- इन्हें देखने का सबसे अच्छा समय सुबह का होता है जब ये सक्रिय रूप से गाते हैं।
- सड़कों के किनारे और खुले खेतों में इनकी तलाश करें।
- इनकी कलगी और मधुर आवाज को पहचानने की कोशिश करें, जो इन्हें अन्य लार्क से अलग बनाती है।
निष्कर्ष
शिखादार चंडोल अपनी अनूठी कलगी और सुरीली आवाज के साथ प्रकृति का एक सुंदर उपहार है। शुष्क और खुले मैदानों में रहने वाला यह पक्षी अपनी सरल जीवनशैली और गायन कौशल के कारण पक्षी प्रेमियों के लिए हमेशा आकर्षण का केंद्र बना रहता है।
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