रेड-नेप्ड सैपसकर (Sphyrapicus nuchalis), जिसे हिंदी में 'लाल गर्दन वाला सैपसकर' कहा जा सकता है, कठफोड़वा (Woodpecker) परिवार का एक अत्यंत आकर्षक और विशिष्ट सदस्य है। यह पक्षी मुख्य रूप से उत्तरी अमेरिका के पहाड़ी और जंगली क्षेत्रों में पाया जाता है। अपनी विशिष्ट आदतों, विशेष रूप से पेड़ों के तनों में छोटे छेद करके रस (sap) निकालने की कला के कारण, इसे 'सैपसकर' नाम दिया गया है। यह पक्षी न केवल अपने सुंदर रंगों के लिए जाना जाता है, बल्कि पारिस्थितिक तंत्र में भी एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इसके द्वारा बनाए गए छेदों का उपयोग कई अन्य छोटे पक्षी और कीड़े भी करते हैं। यह पक्षी आमतौर पर 19 से 21 सेंटीमीटर लंबा होता है और इसे पहचानना काफी आसान है। इसके सिर और गर्दन पर मौजूद लाल रंग का निशान इसे अन्य कठफोड़वों से अलग करता है। पक्षी प्रेमियों और शोधकर्ताओं के लिए यह एक अध्ययन का विषय रहा है क्योंकि इसकी जीवनशैली और भोजन प्राप्त करने की तकनीक अन्य पक्षियों से काफी भिन्न और उन्नत है।