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red wattled lapwing

Vanellus indicus
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Red Wattled Lapwing की बुनियादी जानकारी

Red Wattled Lapwing की बुनियादी जानकारी

Scientific NameVanellus indicus
Status LC सबसे कम चिंता
Size32-35 cm (13-14 inch)
Colors
Brown
White
TypeWaders

स्थानीय भाषाओं में नाम

assamese: বালিঘোৰা
bengali: হটটিটি
gujarati: ટીટોડી
hindi: टिटहरी
kannada: ಕೆಂ ಟಿಟ್ಟಿಭ
malayalam: ചെങ്കണ്ണി തിത്തിരി
marathi: टिटवी, ताम्रमुखी टिटवी
nepali: हुटिट्याउँ
oriya: ତିତିରି
sanskrit: ताम्रमुखी टिट्टिभ
tamil: சிவப்பு மூக்கு ஆள்காட்டி

परिचय

टिटहरी (Vanellus indicus), जिसे अंग्रेजी में Red-wattled Lapwing कहा जाता है, एशिया में पाया जाने वाला एक प्रमुख जल-पक्षी (wader) है। यह पक्षी मुख्य रूप से अपनी विशिष्ट और तेज आवाज के लिए जाना जाता है, जो सुनने में 'did-he-do-it' जैसी लगती है। यह पक्षी जमीन पर रहना पसंद करता है और अक्सर जल स्रोतों के पास देखा जाता है।

शारीरिक बनावट

टिटहरी एक मध्यम आकार का पक्षी है जिसकी लंबाई लगभग 32 से 35 सेमी होती है। इसके शरीर की बनावट काफी आकर्षक होती है:

  • इसके पंख और पीठ हल्के भूरे रंग के होते हैं जिनमें बैंगनी या हरी चमक दिखाई देती है।
  • सिर, गर्दन और छाती का ऊपरी हिस्सा काला होता है।
  • इसकी आँखों के सामने लाल रंग का मांसल हिस्सा (wattle) होता है, जो इसकी मुख्य पहचान है।
  • इसकी चोंच लाल होती है जिसका सिरा काला होता है और इसकी टांगें लंबी और पीली होती हैं।

प्राकृतिक आवास

टिटहरी आमतौर पर घने जंगलों में नहीं पाई जाती है। इसके प्राकृतिक और कृत्रिम आवास निम्नलिखित हैं:

  • प्राकृतिक आवास: खुले जंगल, आर्द्रभूमि (wetlands), नदियों के किनारे, ताजे पानी के दलदल और पहाड़ी मैदान।
  • कृत्रिम आवास: खेती वाली जमीन, मक्के के खेत, घास के मैदान, चारागाह और ग्रामीण बगीचे।
  • यह पक्षी समुद्र तल से लेकर 1800 मीटर की ऊंचाई तक पाया जा सकता है।

आहार

टिटहरी मुख्य रूप से कीटभक्षी होती है। इसके भोजन में निम्नलिखित शामिल हैं:

  • बीटल, चींटियाँ, दीमक, टिड्डे, क्रिकेट, तितलियाँ और कीड़ों के लार्वा।
  • यह घोंघे, क्रस्टेशियंस और केंचुए भी खाना पसंद करती है।
  • कीड़ों के अलावा, यह बीज, अनाज और अन्य पौधों के हिस्सों का भी सेवन करती है।
  • यह जमीन पर अपने भोजन की तलाश करती है और शिकार को बाहर निकालने के लिए अपनी मजबूत टांगों से जमीन खुरचती है।

प्रजनन और घोंसला

टिटहरी जमीन पर एक छोटा सा गड्ढा बनाकर अपना घोंसला बनाती है। मादा टिटहरी आमतौर पर 3 से 4 अंडे देती है, जिनका रंग जमीन के वातावरण में पूरी तरह घुल-मिल जाता है (camouflage)। जब कोई शिकारी घोंसले के पास आता है, तो वयस्क पक्षी शोर मचाते हुए उसके ऊपर गोता लगाते हैं ताकि उसे डराकर दूर भगा सकें।

व्यवहार

टिटहरी एक अत्यंत सतर्क पक्षी है। यह दिन और रात दोनों समय सक्रिय रहती है, विशेष रूप से पूर्णिमा की रात को। इसकी कुछ प्रमुख विशेषताएं इस प्रकार हैं:

  • यह किसी भी खतरे को भांपने वाला पहला पक्षी होता है और तेज आवाज करके अन्य जानवरों को सतर्क कर देता है।
  • इसकी उड़ान धीमी होती है, लेकिन अपने घोंसले की रक्षा करते समय यह बहुत फुर्तीली हो जाती है।
  • यह अक्सर जोड़ों या छोटे समूहों में देखी जाती है।

संरक्षण स्थिति

संरक्षण की दृष्टि से, टिटहरी को आईयूसीएन (IUCN) की लाल सूची में 'Least Concern' (कम चिंताजनक) श्रेणी में रखा गया है। इनकी आबादी वर्तमान में स्थिर है और ये व्यापक रूप से पाए जाते हैं।

रोचक तथ्य

  1. टिटहरी को उसकी आवाज के कारण 'did-he-do-it' पक्षी भी कहा जाता है।
  2. यह पक्षी पेड़ों पर नहीं बैठ सकता; यह पूरी तरह से जमीन पर रहने वाला पक्षी है।
  3. खतरे के समय इसके बच्चे घास में बिल्कुल शांत लेट जाते हैं, जिससे उन्हें पहचानना मुश्किल हो जाता है।
  4. शिकारी इसे 'उपद्रवी' मानते थे क्योंकि यह उनकी मौजूदगी की सूचना सबको दे देती है।

पक्षी प्रेमियों के लिए टिप्स

यदि आप टिटहरी को करीब से देखना चाहते हैं, तो इन सुझावों का पालन करें:

  • इन्हें देखने का सबसे अच्छा समय सुबह या शाम का होता है जब ये भोजन की तलाश में सक्रिय होती हैं।
  • खेती वाले खेतों या तालाबों के किनारों पर इन्हें आसानी से देखा जा सकता है।
  • इनके पास जाते समय सावधानी बरतें, क्योंकि ये बहुत जल्दी सतर्क हो जाती हैं और शोर मचाने लगती हैं।

निष्कर्ष

टिटहरी भारतीय उपमहाद्वीप का एक अभिन्न हिस्सा है। अपनी सतर्कता और विशिष्ट आवाज के कारण यह पारिस्थितिकी तंत्र में एक 'प्राकृतिक अलार्म' की भूमिका निभाती है। खेतों और जल निकायों के पास इसकी उपस्थिति पर्यावरण के स्वास्थ्य का संकेत देती है।

वितरण मानचित्र और क्षेत्र

Official Distribution Data provided by
BirdLife International and Handbook of the Birds of the World (2025)

Red Wattled Lapwing के बारे में अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

The assamese name for Red Wattled Lapwing is বালিঘোৰা.

The bengali name for Red Wattled Lapwing is হটটিটি.

The gujarati name for Red Wattled Lapwing is ટીટોડી.

The hindi name for Red Wattled Lapwing is टिटहरी.

The kannada name for Red Wattled Lapwing is ಕೆಂ ಟಿಟ್ಟಿಭ.

The malayalam name for Red Wattled Lapwing is ചെങ്കണ്ണി തിത്തിരി.

The marathi name for Red Wattled Lapwing is टिटवी, ताम्रमुखी टिटवी.

The nepali name for Red Wattled Lapwing is हुटिट्याउँ.

The oriya name for Red Wattled Lapwing is ତିତିରି.

The sanskrit name for Red Wattled Lapwing is ताम्रमुखी टिट्टिभ.

The tamil name for Red Wattled Lapwing is சிவப்பு மூக்கு ஆள்காட்டி.