eurasian coot
Fulica atra
Last update: 01 Aug 2026Eurasian Coot की बुनियादी जानकारी
| Scientific Name | Fulica atra |
|---|---|
| Status | LC सबसे कम चिंता |
| Size | 36-42 cm (14-17 inch) |
| Colors |
Black
White
|
| Type |
Duck-like Birds
|
| Family | Rails, Gallinules, Coots |
अन्य भाषाओं में Eurasian Coot के नाम
| assamese | জলমৰল |
|---|---|
| bengali | পানকুক্কুট, জলমুরগি |
| bhojpuri | जलमुर्गी |
| french | Foulque macroule |
| gujarati | ધડવા, કાઠી, અંજન, જળ કાગડો |
| hindi | आरा, जलमुर्गी |
| kannada | ನೀರು ಕಾಗೆ, ಬೋಳು ಕಾಗೆ |
| malayalam | നാട്ടുകോഴി, ചെറുകോഴി |
| marathi | असरी, वारकरी |
| nepali | जलकुखुरा |
| oriya | ଜଳକୁକୁଡ଼ା |
| portuguese | galo-de-celha, galeirão-comum |
| punjabi | ਕਾਣਾ ਬਗਲਾ, ਜਲ ਮੁਰਗੀ |
| sanskrit | जलकुक्कुटः, वकः |
| spanish | focha común, focha euroasiática |
| tamil | நாணல் கோழி, சேற்றுக்கோழி |
| telugu | నీటికాకి, బలివాడ |
परिचय
यूरेशियन कूट (Eurasian Coot), जिसे वैज्ञानिक रूप से Fulica atra के नाम से जाना जाता है, रेल परिवार (Rallidae) का एक प्रमुख सदस्य है। यह दुनिया भर के मीठे पानी के निकायों में पाया जाने वाला एक बहुत ही सामान्य लेकिन दिलचस्प जलीय पक्षी है।
शारीरिक बनावट
यूरेशियन कूट का आकार लगभग 36-38 सेमी होता है। इस पक्षी का पूरा शरीर मखमली काले या गहरे स्लेटी रंग का होता है। इसकी सबसे प्रमुख विशेषता इसका सफेद माथा (frontal shield) और सफेद चोंच है, जो इसके काले शरीर के विपरीत चमकती है। इसकी आँखें गहरे लाल रंग की होती हैं और इसके पैर बड़े व लोबदार (lobed) होते हैं, जो इसे पानी में तैरने और जमीन पर चलने में मदद करते हैं।
प्राकृतिक आवास
यह पक्षी मुख्य रूप से झीलों, तालाबों, जलाशयों और धीमी गति से बहने वाली नदियों में पाया जाता है। इन्हें ऐसे स्थान पसंद हैं जहाँ पानी के किनारे घनी वनस्पतियाँ और नरकट (reeds) हों, ताकि वे सुरक्षित महसूस कर सकें और घोंसला बना सकें।
आहार
यूरेशियन कूट एक सर्वाहारी पक्षी है। इसके आहार में मुख्य रूप से जलीय पौधे, शैवाल, घास और बीज शामिल होते हैं। इसके अलावा, यह छोटे कीड़े, घोंघे, मेंढक के बच्चे और कभी-कभी छोटी मछलियों का भी सेवन करता है। यह अक्सर पानी की सतह पर तैरते हुए या गोता लगाकर भोजन प्राप्त करता है।
प्रजनन और घोंसला
इनका प्रजनन काल आमतौर पर वसंत और गर्मियों के दौरान होता है। ये अपना घोंसला जलीय वनस्पतियों और नरकट के बीच पानी की सतह पर या उसके बहुत करीब बनाते हैं। मादा एक बार में 6 से 10 अंडे देती है। नर और मादा दोनों मिलकर अंडों को सेते हैं और चूजों की देखभाल करते हैं।
व्यवहार
यूरेशियन कूट काफी आक्रामक और क्षेत्रीय पक्षी होते हैं। वे अपने क्षेत्र की रक्षा के लिए अन्य पक्षियों और यहाँ तक कि अपने ही प्रजाति के सदस्यों से भी लड़ सकते हैं। ये बहुत अच्छे तैराक और गोताखोर होते हैं। उड़ने के लिए इन्हें पानी की सतह पर काफी दूर तक दौड़ना पड़ता है।
संरक्षण स्थिति - LC सबसे कम चिंता
आईयूसीएन (IUCN) की लाल सूची के अनुसार, यूरेशियन कूट को 'कम चिंताजनक' (Least Concern) श्रेणी में रखा गया है। इनकी वैश्विक आबादी काफी बड़ी और स्थिर है, हालांकि आर्द्रभूमि के प्रदूषण और विनाश से इनका स्थानीय स्तर पर नुकसान हो सकता है।
रोचक तथ्य
- यूरेशियन कूट के पैरों की उंगलियों के बीच बत्तखों की तरह झिल्ली नहीं होती, बल्कि उनमें 'लोब्स' होते हैं जो पंखे की तरह खुलते हैं।
- यह पक्षी पानी पर दौड़ने की अपनी अनूठी क्षमता के लिए जाना जाता है।
- सर्दियों के मौसम में ये पक्षी बड़े समूहों में इकट्ठा होते हैं, जिन्हें 'बेवी' (bevy) कहा जाता है।
- इनके चूजों के सिर का रंग चमकीला लाल और नारंगी होता है, जो बड़े होने पर काला हो जाता है।
पक्षी प्रेमियों के लिए टिप्स
यदि आप यूरेशियन कूट को देखना चाहते हैं, तो सुबह का समय सबसे उपयुक्त है। ये पक्षी झीलों के किनारे अक्सर तैरते हुए मिल जाते हैं। उन्हें करीब से देखने के लिए दूरबीन का उपयोग करें और ध्यान रखें कि आप शोर न करें, क्योंकि वे सतर्क होते ही पानी के अंदर या वनस्पतियों में छिप जाते हैं।
निष्कर्ष
यूरेशियन कूट एक आकर्षक जलीय पक्षी है जो हमारे पारिस्थितिकी तंत्र के स्वास्थ्य का संकेत देता है। इसकी विशिष्ट सफेद ढाल और काले शरीर की बनावट इसे अन्य जलीय पक्षियों से अलग बनाती है। इन पक्षियों और उनके आवास का संरक्षण करना हमारी जिम्मेदारी है ताकि आने वाली पीढ़ियाँ भी इन्हें देख सकें।
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