Nilgiri Woodpigeon

Columba elphinstonii
  • Home
  • Nilgiri Woodpigeon Details
iconAbout Nilgiri Woodpigeon

Nilgiri Woodpigeon की बुनियादी जानकारी

Nilgiri Woodpigeon की बुनियादी जानकारी

Scientific NameColumba elphinstonii
Status LC सबसे कम चिंता
Size36-42 cm (14-17 inch)
Colors
Grey
Black
TypePerching Birds

परिचय

नीलगिरी वुडपिजन (वैज्ञानिक नाम: Columba elphinstonii) पश्चिमी घाट का एक स्थानिक और अत्यंत सुंदर पक्षी है। यह कबूतर परिवार का एक बड़ा सदस्य है, जो मुख्य रूप से घने जंगलों में पाया जाता है। अपनी विशिष्ट उपस्थिति और शांत स्वभाव के कारण यह पक्षी प्रेमियों के बीच काफी लोकप्रिय है।

शारीरिक बनावट

नीलगिरी वुडपिजन एक मध्यम आकार का पक्षी है, जिसकी लंबाई लगभग 36 से 42 सेंटीमीटर होती है। इसके शरीर का प्राथमिक रंग स्लेटी (Grey) है, जबकि गर्दन और पंखों के कुछ हिस्सों पर काला (Black) रंग प्रमुखता से दिखाई देता है। इसकी गर्दन पर एक विशिष्ट चित्तीदार पैटर्न होता है जो इसे अन्य प्रजातियों से अलग बनाता है।

प्राकृतिक आवास

यह पक्षी मुख्य रूप से पश्चिमी घाट के नम सदाबहार और अर्ध-सदाबहार वनों में निवास करता है। ये ऊंचे पेड़ों की छतरियों (canopy) में रहना पसंद करते हैं और शायद ही कभी जमीन पर उतरते हैं।

आहार

इनका मुख्य भोजन पूरी तरह से शाकाहारी है। ये अपने आहार में निम्नलिखित चीजें शामिल करते हैं:

  • विभिन्न प्रकार के जंगली फल और बेरीज (Berries)
  • पेड़ों के कोमल अंकुर और बीज
  • स्थानिक पौधों के फल

प्रजनन और घोंसला

नीलगिरी वुडपिजन का प्रजनन काल आमतौर पर मार्च से जुलाई के बीच होता है। ये ऊंचे पेड़ों की शाखाओं पर टहनियों का उपयोग करके एक बहुत ही साधारण और पतला घोंसला बनाते हैं। मादा आमतौर पर एक या दो सफेद अंडे देती है।

व्यवहार

यह एक शर्मीला पक्षी है जो अक्सर अकेले या जोड़ों में देखा जाता है। ये 'पर्चिंग बर्ड्स' (Perching Birds) की श्रेणी में आते हैं और अपना अधिकांश समय पेड़ों की ऊंची टहनियों पर बैठकर बिताते हैं। इनका उड़ने का तरीका काफी शक्तिशाली और सीधा होता है।

संरक्षण स्थिति

आईयूसीएन (IUCN) की रेड लिस्ट के अनुसार, नीलगिरी वुडपिजन को 'असुरक्षित' (Vulnerable) श्रेणी में रखा गया है। वनों की कटाई और आवास के नुकसान के कारण इनकी संख्या पर निरंतर खतरा बना हुआ है।

रोचक तथ्य

  1. यह पश्चिमी घाट का स्थानिक पक्षी है, यानी यह दुनिया में केवल भारत के इसी क्षेत्र में पाया जाता है।
  2. इनकी गर्दन पर मौजूद रंगीन धब्बे इन्हें नर और मादा के बीच अंतर करने में मदद करते हैं।
  3. ये बहुत ही शांत पक्षी होते हैं और जंगल में इनकी मौजूदगी का पता अक्सर इनकी मधुर आवाज से चलता है।

पक्षी प्रेमियों के लिए टिप्स

यदि आप नीलगिरी वुडपिजन को देखना चाहते हैं, तो इन सुझावों का पालन करें:

  • सुबह जल्दी या शाम के समय घने जंगलों में जाएं।
  • दूरबीन (Binoculars) का उपयोग करें, क्योंकि ये पेड़ों की ऊपरी शाखाओं में छिपे रहते हैं।
  • शोर न मचाएं, क्योंकि ये पक्षी बहुत सतर्क होते हैं।

निष्कर्ष

नीलगिरी वुडपिजन पश्चिमी घाट की जैव विविधता का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। एक जिम्मेदार नागरिक के रूप में, हमें इनके प्राकृतिक आवासों को संरक्षित करने के लिए प्रयास करने चाहिए ताकि आने वाली पीढ़ियां भी इस सुंदर पक्षी को देख सकें।

वितरण मानचित्र और क्षेत्र

Official Distribution Data provided by
BirdLife International and Handbook of the Birds of the World (2025)